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नितिन कुमार रुड़की हब
रुड़की।*चौ०योगी रोड (मंडल महामंत्री सुभाषनगर मंडल भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने अपने आवास पर उत्तराखंड राज्य की संस्कृति एवं हरियाली का प्रतीक के हरेला पर्व के पावन अवसर पर पौधारोपण किया*
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि हरेला पर्व श्रावण मास में मनाये जाने वाला हरेला सामाजिक रूप से अपना विशेष महत्व रखता तथा समूचे कुमाऊँ में अति महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक माना जाता है। जिस कारण इस अन्चल में यह त्यौहार अधिक धूमधाम के साथ मनाया जाता है। जैसाकि हम सभी को ज्ञात है कि श्रावण मास भगवान भोलेशंकर का प्रिय मास है, इसलिए हरेले के इस पर्व को कही कही हर-काली के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि श्रावण मास शंकर भगवान जी को विशेष प्रिय है। यह तो सर्वविदित ही है कि उत्तराखण्ड एक पहाड़ी प्रदेश है और पहाड़ों पर ही भगवान शंकर का वास माना जाता है। इसलिए भी उत्तराखण्ड में श्रावण मास में पड़ने वाले हरेला का अधिक महत्व है। दैनिक जागरण रुद्रपुर के पत्रकार मनीस पांडे ने बताया कि हरेला पर्व उत्तराखंड के अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में भी हरियाली पर्व के रूप में मनाया जाता है। हरियाली या हरेला शब्द पर्यावरण के काफी करीब है। ऐसे में इस दिन सांस्कृतिक आयोजन के साथ ही पौधारोपण भी किया जाता है। जिसमें लोग अपने परिवेश में विभिन्न प्रकार के छायादार व फलदार पौधे रोपते हैं।
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चौ०योगी रोड (मंडल महामंत्री सुभाषनगर मंडल भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने अपने आवास पर उत्तराखंड राज्य की संस्कृति एवं हरियाली का प्रतीक के हरेला पर्व के पावन अवसर पर पौधारोपण किया*
